भारत माता मंदिर का निर्माण, सर्वधर्म स्वभाव की भावना से हुआः रामनाथ कोविंद
विविधता में एकता कोई नारा नहीं, यह भारतीय संस्कृति का स्वभाव है। जहां समन्वय है वहां, दीर्घकालिक निरंतरता है।

हरिद्वार पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, देश भर से कई दिग्गजों का लगा जमावड़ा
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में सत्यमित्रानंद गिरी की समाधि पर मूर्ति स्थापना के 3 दिवसीय भव्य कार्यक्रम की बुधवार को शुरुआत हुई। देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उत्तरी हरिद्वार में भारत माता मंदिर के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी के श्रीविग्रह मूर्ति स्थापना समारोह में शिरकत की।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, जगद्गुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं भारत माता मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरी देव, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद गिरी और महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी समेत कई लोगों ने शिरकत की। भूपतवाला स्थित समाधि स्थल पर ये तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित कराया जा रहा है। इस समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शिरकत करने पहुंचेंगे। देवेंद्र फडणवीस ने कहा उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हरिद्वार पहुंचने पर अच्छी अनुभूति हो रही है।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि गुरुदेव की समाधि और उनके द्वारा स्थापित भारत माता मंदिर में दीप जलाने और आरती करने का सौभाग्य मिला है। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज अनेक मतों, पंथों और संस्थाओं के बीच संवाद और समरसता के एक प्रबल सेतु हैं। सनातन धर्म का मूल स्वर संघर्ष नहीं बल्कि समन्वय है। विविधता में एकता कोई नारा नहीं, यह भारतीय संस्कृति का स्वभाव है। जहां समन्वय है वहां, दीर्घकालिक निरंतरता है।
उन्होंने कहा भारत माता मंदिर का निर्माण, सर्वधर्म स्वभाव की इसी भावना से हुआ था। संन्यासी होने के साथ साथ स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी राष्ट्रचेतना के साधक थे। यह आयोजन तभी सार्थक होता, जब वो हमारे संकल्प को जगाए। इस अवसर पर हमें धर्म को समाज और अध्यात्म को राष्ट्र से जोड़ने का संकल्प लेना होगा।
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी ने सनातन के प्रचार प्रसार के लिए अनेक महान कार्य कार्य किए। उन्होंने शंकराचार्य के पदचिन्हों पर चलकर समाज को दिशा देने का कार्य किया। साधु संतों के आशीर्वाद से भारत विश्व की सबसे बड़ी महाशक्ति बनेगा। धर्म और अध्यात्म की ताकत के कारण दुनिया भारत के आगे नतमस्तक हो रही है। हमें यह ताकत बचाकर रखनी है।
जूना पीठाधीश्वर एवं भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा गुरुदेव की समाधि पर तीन दिन तक कार्यक्रम चलेंगे। गुरुवार को इसी स्थान पर संत सम्मेलन का आयोजन होगा। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई राज्यों के राज्यपाल और साधु संत शामिल होंगे।



