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आरआईएमसी ने सैन्य तैयारी शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए आरएमएस प्राचार्यों का सम्मेलन आयोजित

सम्मेलन में बुनियादी ढांचे में नवाचार, शिक्षकों के प्रशिक्षण, और एनडीए परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने की रणनीतियों पर विशेष बल दिया गया।

देहरादून। राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (आरआईएमसी) ने दो दिवसीय राष्ट्रीय सैन्य विद्यालय (आरएमएस) प्राचार्य सम्मेलन 2025 का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में देशभर के पांच राष्ट्रीय सैन्य विद्यालयों के प्रमुखों ने भाग लिया, जिनमें शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं प्रशासनिक स्तर पर सहयोग को सुदृढ़ करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुखों में शामिल रहे, लेफ्टिनेंट कर्नल के. अनुप नायर (बेंगलुरु), वी. के. गंगवाल जैन (चौल), लेफ्टिनेंट कर्नल ऋतु (अजमेर), लेफ्टिनेंट कर्नल प्रभा बिष्ट (बेलगाम), और लेफ्टिनेंट कर्नल अमित शर्मा (धौलपुर)।
कार्यक्रम की शुरुआत आरआईएमसी के कमांडेंट कर्नल राहुल अग्रवाल द्वारा अतिथियों के स्वागत और सम्मान के साथ हुई। इसके पश्चात आयोजित विभिन्न सत्रों में संकाय प्रमुखों ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, नवप्रवेशित बालिका कैडेटों के समावेश, और समग्र छात्र विकास जैसे विषयों पर प्रस्तुतियाँ दीं।
सम्मेलन में बुनियादी ढांचे में नवाचार, शिक्षकों के प्रशिक्षण, और एनडीए परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने की रणनीतियों पर विशेष बल दिया गया। आरआईएमसी और आरएमएस दोनों के नेतृत्व ने आपसी सहयोग और संसाधनों के साझा उपयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।
सम्मेलन का समापन भविष्य की संयुक्त कार्ययोजनाओं के साथ हुआ, जिसमें शैक्षणिक सहयोग, संस्थाओं के मध्य कैडेट और संकाय आदान-प्रदान, और संयुक्त अधोसंरचना विकास के प्रस्ताव शामिल थे। यह सम्मेलन सशस्त्र बलों के प्रमुख फीडर संस्थानों के बीच समन्वय को एक नई दिशा देने वाला साबित हुआ। सभी संस्थानों ने अनुशासन, फिटनेस और शैक्षणिक गुणवत्ता के उच्च मानकों पर खरे उतरने वाले कैडेट तैयार करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।

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