उत्तराखंड

तुंगनाथ धाम मार्ग पर भयंकर लैंडस्लाइड, पहाड़ से टूटी विशाल चट्टान

वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि पहाड़ी से भारी चट्टानें तेज आवाज के साथ सड़क पर गिर रही हैं। देखते ही देखते पूरा मार्ग मलबे से पट जाता है।

बड़ा हादसा टला, लोगों ने भागकर बचाई जान 
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंची
रुद्रप्रयाग। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच शुक्रवार को विश्व विख्यात तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम को जोड़ने वाले एनएच-107ए (कुंडदृचोपता-गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग) पर बड़ा हादसा टल गया। ताला क्षेत्र से आगे पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक भरभराकर टूट गया। विशाल चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। जिससे राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। घटना के बाद मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गनीमत रही कि जिस समय चट्टान सड़क पर गिरी, उस समय उसकी चपेट में कोई वाहन या यात्री नहीं आया। यदि कुछ सेकंड का भी अंतर होता तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने इसे ‘बाल-बाल बची कई जिंदगियां’ बताते हुए राहत की सांस ली। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि पहाड़ी से भारी चट्टानें तेज आवाज के साथ सड़क पर गिर रही हैं। देखते ही देखते पूरा मार्ग मलबे से पट जाता है। यह दृश्य मानसून के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में सफर के बढ़ते जोखिम की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
सूचना मिलते ही संबंधित विभाग, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जेसीबी मशीनों की सहायता से सड़क से मलबा और विशाल चट्टानों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। जिससे मार्ग को जल्द से जल्द यातायात के लिए सुचारु किया जा सके। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ताला के आगे एनएच-107ए पर चट्टान गिरने से मार्ग बाधित हुआ है। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर राहत एवं मार्ग खोलने के कार्य में जुटी हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें। केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना और एडवाइजरी का पालन करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यात्रियों से विशेष सतर्कता बरतने, संवेदनशील स्थानों पर वाहन न रोकने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना देने की अपील की गई है।
लगातार सक्रिय हो रहे भूस्खलन जोन एक बार फिर यह संकेत दे रहे हैं कि मानसून के दौरान उत्तराखंड के पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतना आवश्यक है।तुंगनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी प्रशासन ने मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने का अनुरोध किया है।

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