उत्तराखंड

समान कार्य के लिए समान वेतनमान की मांग को लेकर उपनल कर्मचारियों ने किया सांकेतिक धरना

उनका कहना है कि कई महीने पहले उनसे एग्रीमेंट और बॉन्ड भरवा लिए गए, लेकिन इसके बावजूद बढ़ा हुआ मानदेय नहीं दिया जा रहा है।

टिहरी। रानीचैरी स्थित उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में उपनल और संविदा कर्मचारियों का आक्रोश देखने को मिला है। समान कार्य के लिए समान वेतन और बढ़े हुए मानदेय की मांग को लेकर कर्मचारियों ने सांकेतिक धरना दिया। इतना ही नहीं, कर्मचारियों ने धरना स्थल पर भीख मांगकर अपनी आर्थिक स्थिति का दर्द भी बयां किया। कर्मचारियों का आरोप है कि दीपावली जैसे त्योहार पर भी उन्हें वेतन नहीं मिला। वहीं विश्वविद्यालय के डीन का कहना है कि वेतन निर्धारण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अभी स्वीकृति और बजट का इंतजार है। उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, रानीचैरी में उपनल और संविदा कर्मचारियों का आक्रोश सामने आया है। लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग पूरी नहीं होने और वेतन संबंधी समस्याओं से नाराज कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने भीख मांगकर अपनी आर्थिक स्थिति का दर्द बयां किया. शासन-प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से विश्वविद्यालय में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वेतन की कमी के चलते उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों ने धरना स्थल पर भीख मांगकर अपना विरोध जताया और शासन को अपनी आर्थिक परिस्थितियों से अवगत कराने की कोशिश की। कर्मचारियों ने बताया कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी वेतन नहीं मिलने से उनके परिवारों में निराशा और असंतोष है। उनका कहना है कि कई महीने पहले उनसे एग्रीमेंट और बॉन्ड भरवा लिए गए, लेकिन इसके बावजूद बढ़ा हुआ मानदेय नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों, शासनादेशों और लागू नियमों के अनुसार समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की है। वहीं इस मामले में जब विश्वविद्यालय के डीन से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में विश्वविद्यालय स्तर पर कर्मचारियों के पदों और पात्रता के अनुसार वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। लेकिन शासन स्तर से अभी तक स्वीकृति और बजट उपलब्ध नहीं हुआ है।
डीन के अनुसार, कुछ कर्मचारी फिलहाल उपनल के माध्यम से मिलने वाला वेतन लेने को तैयार हैं, जबकि अधिकांश कर्मचारी बढ़े हुए मानदेय की मांग कर रहे हैं। शासन से व्यक्ति विशेष के नाम पर स्वीकृति मिलने के बाद ही बढ़ा हुआ मानदेय दिया जा सकेगा।

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