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शुद्धिकरण एफआईआर मामले पर बोले गोदियाल, कानून के हाथ हमेशा लंबे होते हैं

पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि, उन्हें मीडिया के माध्यम से सूचना मिली कि बेंगलुरु में भाजपा नेताओं और अन्य लोगों पर जीरो एफआईआर हुई है।

देहरादून। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण मामले में उत्तराखंड के भाजपा नेताओं पर कर्नाटक में दर्ज हुई जीरो एफआईआर पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि, कानून के हाथ हमेशा लंबे होते हैं, जो भाजपा नेताओं तक पहुंच गए।
पार्टी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि, उन्हें मीडिया के माध्यम से सूचना मिली कि बेंगलुरु में भाजपा नेताओं और अन्य लोगों पर जीरो एफआईआर हुई है। कांग्रेस ने इसे द्वेष की प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि, उत्तराखंड में सरकार के दम पर कांग्रेस के प्रार्थना पत्रों को दरकिनार कर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड भाजपा को नसीहत देते हुए कहा कि, उन्होंने फिल्मों में सुना होगा कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। उत्तराखंड में सरकार होने के कारण उन्होंने कानून के हाथों को प्रदेश तक सीमित समझ लिया था, लेकिन देश एक कानून और एक संविधान से चलता है। अभी तो कर्नाटक से कानून का हाथ आया है, कल पूरब, उत्तर, पश्चिम से भी आ सकता है। भाजपा के पास अब तीन ही विकल्प हैं। माफी मांगें, दोषियों पर कार्रवाई हो और राहुल गांधी पर साजिशन दर्ज की गई एफआईआर को वापस लिया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि 6 महीने बाद इस प्रदेश में भी कानून के हाथ लंबे होने वाले हैं, वक्त बदलता रहता है। उन्होंने कहा कि, इस विषय पर वह सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि यह क्रिया पर प्रतिक्रिया है। सरकार के रहते हुए जिस तरह से पूर्ववर्ती एप्लीकेशंस को एक सिरे से खारिज किया और किसी एक व्यक्ति की ओर से राहुल गांधी के खिलाफ की गई तहरीर को आधार बनाकर जिस तरह से एफआईआर दर्ज की गई, वह निश्चित रूप में इस द्वेष की ही प्रतिक्रिया है।
भाजपा को यह लगा था कि वो सरकार के चलते कानून के हाथों को प्रदेश तक सीमित कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। देश एक कानून से चलता है। इसलिए देश के अन्य राज्यों में भी कानून के हाथ हैं। फिलहाल उनके ऊपर कर्नाटक से कानून का शिकंजा हाथ के रूप में आया है। अभी सुदूर दक्षिण, सुदूर पूर्व, उत्तर और पश्चिम से कानून के हाथ उन तक पहुंच सकते हैं।
गौर है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे की रैली हुई थी। 11 अगस्त को कुछ लोगों ने उस मैदान और मंच धार्मिक अनुष्ठान किया। कांग्रेस ने इसे मंच पर दलित नेता के होने पर श्कथितश् शुद्धिकरण बताया। इसके बाद मामले को लेकर लगातार कांग्रेस विरोध प्रदर्शन कर रही है। साथ ही भाजपा और मुख्यमंत्री धामी से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है। उधर, उत्तराखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने मीडिया से बात करते हुए कथित शुद्धिकरण को सही ठहराया था।

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