
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने जन्म दिवस के मौके पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर वहां पढ़ रहे बच्चों के साथ अपना जन्म दिवस मनाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके बीच रहकर जन्म दिवस की खुशियां साझा की। बच्चों ने सीएम धामी के लिए जन्मदिवस पर गाना गया, जिस पर सीएम धामी भावुक नजर आए। इसके बाद सीएम धामी ने बच्चों के बीच जाकर उनसे संवाद किया, उनका उत्साहवर्धन किया और उनके साथ समय बिताया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे भी उत्साहित और खुश भी नजर आए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि, बच्चों के बीच बिताया गया समय जीवन को नई ऊर्जा और प्रेरणा देता है। हर बच्चे में अपार प्रतिभा और संभावनाएं होती हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि, दिव्यांगजन का सशक्तिकरण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और लगातार प्रयास से जीवन की हर चुनौती को पार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर पूरे विश्वास और उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सीएम धामी ने कहा कि, मनुष्य हर दिन सोने के बाद जब प्रातः काल उठना है वो उसका जन्म ही होता है। क्योंकि वो नए दिन में आता है। ऐसे में इस अवतरण दिन पर उनका प्रयास रहता है कि बच्चों के बीच जाएं और उनके साथ कुछ देर रह कर बातचीत करे। साथ ही उन्होंने कहा कि, एनआईबीएच के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमाम काम किए हैं और योजनाएं बनाई हैं। साथ ही इन सभी दिव्यांग बच्चों को हर तरह से सक्षम बनाने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी की सुरक्षा को लेकर इंटेलीजेंस ने कसी कमर
देहरादून। आगामी कुंभ और विधानसभा की सुरक्षा के लिए इंटेलीजेंस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीजीपी दीपम सेठ की अध्यक्षता में हुई इंटेलीजेंस के अधिकारियों की बैठक में राज्य में सुरक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श कर दिशा निर्देश दिए गए। विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा को भी सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अलावा धार्मिक और सरकारी आयोजनों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे सोशल मीडिया पर निगरानी करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे जिलों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से घुसपैठ और राष्ट्र विरोधी तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाने पर विचार किया गया। इसके लिए आईटीबीपी, एसएसबी, सेना, आईबी और राज्य पुलिस व एटीएस के अधिकारियों की उच्च स्तरीय इंटर एजेंसी को-ऑर्डिनेशन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। राज्य में लगातार बढ़ रही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या और वर्तमान में गतिमान चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए। आगामी कुंभ मेला और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के निर्बाध व सकुशल संचालन के लिए ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।इसके साथ ही विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री व अन्य वीआईपी की सुरक्षा के संबंध में ठोस तैयारियां करने के निर्देश दिए गए। चुनावों में मुख्यमंत्री के भ्रमण बढ़ जाएंगे। चुनावी सभाओं के लिए अन्य बड़े नेता और मंत्रियों के कार्यक्रम भी होते हैं। ऐसे में सभी कार्यक्रमों के मद्देनजर कानून व्यवस्था और सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। सभी महत्वपूर्ण आयोजनों व व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से कराने के लिए आवश्यक जनशक्ति, तकनीकी उपकरणों और संसाधनों का प्रबंधन समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा आगामी राज्य स्थापना दिवस, नवरात्र, दशहरा, दीपावली आदि महत्वपूर्ण पर्वों के दृष्टिगत व्याप्त संवेदनशीलता पर सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में डीजीपी ने कहा कि मौजूदा वक्त में सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें बेहद संवेदनशील मुद्दा है। खासकर कुंभ और चुनाव जैसे आयोजनों में यह और भी संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में इंटेलीजेंस इन खबरों और पोस्ट आदि पर लगातार नजर बनाए रखे। इसके बाद एक फैक्ट चेक व्यवस्था लागू की जाए। ताकि, लोगों को समय रहते सच्चाई का पता चले और स्थितियों को काबू में रखा जाए।



