उत्तराखंडदेहरादून

अग्निवीर योजना युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ः गणेश गोदियाल

गोदियाल ने कहा कि 17-18 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती होने वाला युवा चार वर्ष बाद लगभग 21-22 वर्ष की उम्र में फिर रोजगार की तलाश में खड़ा हो जाता है।

युवाओं को स्थायी रोजगार चाहिए, चार वर्ष बाद फिर रोजगार की तलाश नहींः प्रीतम

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अग्निवीर योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह योजना युवाओं के स्थायी रोजगार के अवसरों को सीमित करने वाली है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों युवा सेना में स्थायी नौकरी की उम्मीद के साथ वर्षों तक भर्ती की तैयारी करते हैं, लेकिन अग्निवीर व्यवस्था में अधिकांश युवाओं का सैन्य करियर चार वर्ष बाद समाप्त हो जाता है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद बाहर होने वाले युवाओं के रोजगार और भविष्य की क्या ठोस व्यवस्था है।
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर दीपोत्सव मनाए जाने को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस समय महंगाई से आम आदमी परेशान है और परिवारों के लिए दो वक्त का चूल्हा जलाना मुश्किल हो रहा है, उस समय हजारों टन तेल खर्च कर दीप जलाने की होड़ उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता सरकार के काम से खुश होकर दीप जलाती तो बात अलग होती।
गोदियाल ने कहा कि 17-18 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती होने वाला युवा चार वर्ष बाद लगभग 21-22 वर्ष की उम्र में फिर रोजगार की तलाश में खड़ा हो जाता है। ऐसे में उसके परिवार और भविष्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं। उन्होंने नियमित सैनिकों और अग्निवीरों के बीच सेवा अवधि, वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा में अंतर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब दोनों देश की सुरक्षा के लिए जोखिम उठाते हैं तो सेवा सुरक्षा के स्तर में इतना अंतर क्यों है।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि अग्निवीर योजना का उत्तराखंड के युवाओं पर विशेष प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सैन्य परंपरा गौरवशाली रही है और पहाड़ी क्षेत्रों के हजारों परिवार पीढ़ियों से सेना की नौकरी को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का आधार मानते आए हैं। ऐसे में चार वर्ष की सेवा के बाद रोजगार की अनिश्चितता युवाओं के लिए बड़ी चुनौती है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि युवाओं को स्थायी रोजगार चाहिए, चार वर्ष बाद फिर रोजगार की तलाश नहीं। उन्होंने पेंशन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी सरकार से स्पष्ट नीति बताने की मांग की। उनका कहना था कि योजना के तहत 75 प्रतिशत युवाओं की चार वर्ष बाद की स्थिति को लेकर सरकार को स्पष्ट रोडमैप सामने रखना चाहिए। उन्होंने नियमित भर्ती प्रक्रिया मजबूत करने, रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने और उत्तराखंड के युवाओं के लिए पर्याप्त भर्ती अवसर सुनिश्चित करने की मांग की।
चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि केवल विभिन्न विभागों में आरक्षण या प्राथमिकता की घोषणा पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह बताना चाहिए कि अग्निवीरों को चार वर्ष बाद वास्तविक रूप से कितनी स्थायी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बहुल राज्य है और यहां सेना की सेवा से लोगों की भावनाएं गहराई से जुड़ी हैं। सेना की भर्ती को केवल रोजगार के आंकड़े सुधारने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सेना राष्ट्र की सुरक्षा का सर्वाेच्च संस्थान है और भर्ती नीति का उद्देश्य मजबूत, प्रशिक्षित और अनुभवी सैन्य बल तैयार करना होना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड के लिए विशेष भर्ती नीति बनाने तथा सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए विशेष पैकेज घोषित करने की मांग की।
सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने दावा किया कि पहले प्रतिवर्ष करीब 80 हजार युवाओं को सेना में रोजगार मिलता था, जो घटकर करीब 47 हजार रह गया है। उन्होंने कहा कि यदि इनमें से 25 प्रतिशत युवाओं को ही नियमित सेवा में लिया जाता है तो करीब 12 हजार युवा ही स्थायी सैन्य सेवा में आ पाएंगे। उन्होंने सरकार से अग्निवीरों के लिए उच्च शिक्षा, सरकारी नौकरी, तकनीकी प्रशिक्षण, स्वरोजगार और बैंक ऋण की ठोस व्यवस्था की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से सवाल किया कि अब तक कितने अग्निवीरों को चार वर्ष की सेवा के बाद स्थायी सरकारी रोजगार मिला है, सेना में नियमित भर्ती के रिक्त पद कब तक भरे जाएंगे और उत्तराखंड के कितने युवाओं ने अग्निवीर योजना के माध्यम से भर्ती पाई है। उन्होंने अग्निवीर योजना की स्वतंत्र समीक्षा कराने तथा भविष्य में अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के समान सम्मानजनक सेवा-सुरक्षा देने पर विचार करने की मांग भी उठाई।
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस का विरोध सेना या सैनिकों से नहीं, बल्कि ऐसी भर्ती व्यवस्था से है जो युवाओं के भविष्य को अनिश्चित बनाती है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को चार साल की नौकरी नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य चाहिए। कांग्रेस युवाओं के रोजगार, सैनिकों के सम्मान और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाती रहेगी ।
पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button